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धोखा है फरेब है

Roopali TrehanRoopali Trehan November 20, 2021
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धोखा है फरेब है

गमों से भरी यहाँ 

सबकी जेब है


अदभुत है अजीब है

सूझती ना यहाँ किसी को 

मुस्कुराने की तरकीब है


बेमतलब है बेकार है

कौड़ियों के मोल

बिकता यहाँ ऐतबार है


गुमराह है फरार है

लापता सा रहता 

दिल का करार है

✍️✍️

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