डर पर जीत's image
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झांक अपने गिरेबान में
महसूस कर 
अपने भीतर छिपे डर को
और फिर उसे बिना डरे
दरकिनार कर ,

यौद्धा के जैसे
समंदर को भी
नदियाँ की धार कर

दोस्त हो
या हो दुश्मन
सबसे प्यार कर ,

मरने से पहले
इस जीवन का
वीरों की भांति
सतकार कर ,
      ~ रोहित के.डी.

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