बेटियाँ  [ Daughters ]'s image
Poetry2 min read

बेटियाँ [ Daughters ]

rmalhotrarmalhotra October 14, 2021
Share0 Bookmarks 151 Reads2 Likes

उषा की उज्जवल किरण के 

जैसे कुंदन होती है बेटियाँ

अनन्ता,अनन्या,आद्या,अर्चना

और अभिवंदना होती है बेटियाँ


अपनी प्रीत और प्रेम के प्रकाश से 

जग को रोशन कर देती है बेटियाँ

जिस घर जाती है उस घर को

सौभाग्य से भर देती है बेटियाँ


जीवन में सबके खुशियों के

अनगिनत पल भर देती है बेटियाँ

संजो कर बिखरे रंगो को

सुन्दर इंद्रधनुष कर देती है बेटियाँ


जो ठान लेती है एक बार उसे

पूरा कर के ही दम लेती है बेटियाँ

जमीन और आसमान को एक कर देती है 

वसुंधरा को गौरवान्वित करती है बेटियाँ

कोमल पंखुड़ियाँ नहीं वीरांगना होती है

झाँसी की रानी, पद्मावती होती है बेटियाँ 


ईंट की दीवारों और मकानों को 

घर कर देती है बेटियाँ

खुशबू से अपनी हर आँगन को

चन्दन कर देती है बेटियाँ


कमतर नहीं बेहतर होती है

शक्ति का स्वरुप होती है बेटियाँ 

आन, बान, शान, मान

और सम्मान होती है बेटियाँ  


~राकेश की कलम से 

Twitter @RakeshMalhotra

Instagram : Rakesh.Malhotra

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts