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अब तो बोलना होगा [ Ab To Bolna Hoga ]

rmalhotrarmalhotra January 1, 2022
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अब तो बोलना होगा

कश्मीरी पंडितों के मन की व्यथा - राकेश की कलम से


सच कड़वा था बरसों से चुप था,

वक़्त की गर्द उस पर चढ़ती रही I

ज़ख्म गहरे थे कभी भर नहीं पाए,

चुभन दर्द की दिन-ब-दिन बढ़ती रही I

 

सियासत इतिहास के हर्फ़ मिटाती गयी,

दहशतगर्दी के जुल्म ज़माने से छुपाती रही I

झूठ की हवाएँ अपनी दिशाएँ बदलती रही,

बुद्धिजीवी सोच युवाओं को गुमराह करती रही I

सच तो आखिर सच है, उसको तो सामने आना ही था,

तारीख़ ३१ बरस तक ख़ामोश तकती रही I


अतीत कभी वर्तमान से अलग नहीं हो पायेगा,

जहन पर लगे ज़ख्म कोई नहीं भर पायेगा I

जिस प्रलय और पलायन को भुला दिया गया ,

नरसंहार की उस रात को कब तक छुपाया जाएगा I



कभी तो कोई कश्मीर का सच सामने लाएगा,

आने वाली पीढ़ी को जनसंहार की दास्ताँ सुनाएगा I

कोई तो हमदर्द जख्मों पर मरहम लगाएगा,

मानवता को ख़त्म होने से बचाएगा,

कश्मीर के हिन्दुओं को आखिर तो न्याय दिलाएगा I


~राकेश की कलम से


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@RakeshMalhotra

#TheKashmirfiles #RightToJustice





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