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अलविदा राजू "गजोधर भईया" !

AbhishekAbhishek September 21, 2022
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उम्मीदों से कहाँ कुछ हो पाता है

होता वही, जो चाहता विधाता है

हँसाने वाला भी इक रोज़ रुलाता है

शायद यही जीवन कहलाता है


        - अभिषेक

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