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तुझे अपनी धरती बना तेरा सूरज बनना चाहता था

Ravi kant KuderiyaRavi kant Kuderiya November 21, 2021
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तुझे अपनी धरती बना , तेरा सूरज बनना चाहता था।
अपनी रोशनी बिखेर तुझे रोशन करना चाहता था।।

न जाने कोन बादल बनकर आया हमारे दरम्यां और
धूप की किरन से पहले मेघ की बूंद समा गई तुझमे

पल में पराया हो गया जो तेरा हमसफ़र बनना चाहता था।। 
● रवि कान्त कुड़ेरिया ●

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