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धर्म महजब पर क्यों बबाल है

RAVI GehlotRAVI Gehlot February 21, 2022
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मेरे दिल के आसमा से तारा क्या टुटा

कि गम की काली रात हो गई

अफ़सोस भी है, खुशी भी है

कि किसी बेचारे की दुआ पूरी हो गई

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