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कहो कि तुम भी मेरी हो ये दिल का बोझ हटा दो ना
आँख का नीर ये रुक जाए कि तुम उँगलियाँ छुआ दो ना
छोड़कर जाऊँगी तुमको ये हँसकर कह दिया तुमने
तेरा ये श्याम कहाँ जाए मेरी राधा बता दो ना

—कुराज

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