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Romantic PoetryPoetry1 min read

फूल और चाँद ' हैरान '

Rajeev Kumar SainiRajeev Kumar Saini August 10, 2022
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आप यूँ ही फूल से मुस्कुराते रहें,

आपको देखकर हम गुनगुनाते रहें।

रूप ये चाँद सा रोज बढ़ता रहे,

हम राहों में तारे बिछाते रहें।

 - राजीव ' हैरान '

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