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MotivationalPoetry1 min read

खामोश हवा ' हैरान '

Rajeev Kumar SainiRajeev Kumar Saini November 10, 2022
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हँस हँस कर सारी रात जलते रहे चराग,

हवाओं को आ गई अपनी खामोशियाँ पसंद।

 - राजीव ' हैरान '

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