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Romantic PoetryPoetry1 min read

जुमलों की तनकीद ' हैरान '

Rajeev Kumar SainiRajeev Kumar Saini November 2, 2022
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तेरा जिक्र जुबां पर नहीं लाते हम,

जमाने के जुमलों की तनकीद करें कैसे,

तेरे जलवों पर घनी जुल्फों का पहरा है,

तेरे हसीं रुख़सार की दीद करें कैसे। 

  - राजीव ' हैरान '

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