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हुस्न के रंग ' हैरान '

Rajeev Kumar SainiRajeev Kumar Saini October 25, 2022
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तेरे हुस्न के कितने रंग,

जितने फूलों के रंग बहार में,

मेरे इश्क का एक ही रंग,

बेचैनी तेरे इन्तजार में।

 - राजीव ' हैरान '

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