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फूलों से भी नाजुक थे

Raj vardhan JoshiRaj vardhan Joshi March 1, 2022
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फूलों से भी नाजुक थे रिश्ते
कभी उनके हमारे 
फिर एक दिन वो
संग तोड़ अपने ले गये।
'राज वर्धन जोशी'

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