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शिकायत है तुमसे !

R N ShuklaR N Shukla July 1, 2022
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शिकायत है तुमसे!

क्यूँकि मुहब्बत है तुमसे!

यूँकि शिकायत है तुमसे!

बातों ही बातों में –

नाराज हो जाते क्यूँ हो?   

सिर्फ अपनी ही सुनाते हो

सुनते नहीं क्यूँ हो?

थोड़ी  मेरी  भी  सुन लो!

कुछ अपनी भी कह लो!

ग़लतफहमियां दूर हो जाएं !

मन  के  मुरझाए  चमन में 

बहारें ! झूम के आ जाएं !

एक बार फिर –

तुम और मैं 'हम' हो जाएं !

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