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हर किसी को आजमाया नहीं करते !

R N ShuklaR N Shukla March 2, 2022
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किसी को बेघर कर –

अपना घर बनाया नहीं करते !

बसाने के लिए  घर अपना 

किसी का घर, उजाड़ा नहीं करते !

हारे हुओं को, कभी मारा नहीं करते!

लगी आग में 'घी' डाला नहीं करते !

ये दुनिया ! बड़ी  उम्दा !  है  साहेब !

यहाँ हर किसी को आजमाया नहीं करते !

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