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दिल की सुनो !

R N ShuklaR N Shukla October 31, 2022
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नया पाने की चाहत नहीं है मुझे !

तेरी यादें ही जीने के लिए काफी है मुझे !

जमाना  बेवज़ह खफ़ा  होता है  मुझसे !

जमाने की सुनने की आदत नहीं है मुझे !

मैं सुनता हूँ दिल की ,नहीं सुनता मन की!

किसी के भी –

दिल को दुखाने की आदत नहीं है मुझे !


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