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बूढ़ी माँ ! ॐ शांति !

R N ShuklaR N Shukla May 24, 2022
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एक अजीब-सी सिहरन 
नसों में दौड़ गई !

देखा उसे मैने बिलखते हुए !
'वो'उस बुढ़िया की इकलौती बेटी !
उसका नाम – शान्ति !

जो उसे छो...ड़... च...ली...ग...ई !
हृदय को चीर गई ! उसकी –
छाती पीट दहाड़ !
डॉक्टर्स ! नर्सें ! समूचा स्टॉप !
परेशान !

सभी उपस्थित जन-समुदाय !
बूत जैसे मूक ! अवाक् !
कुछ नहीं समाधान !
ॐ शांति ! शांति ! शांति !

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