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गुम हो जाता हूॅं

Priyam DubeyPriyam Dubey August 29, 2022
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गुम हो जाता हूॅं अपनी तसव्वुरात में मैं
अपने अंदाज़ का अकेला हूॅं कायनात में मैं

जाने कौन है ये हमशक्ल हम-नाम मेरा
ऐसा तो नहीं था बिल्कुल शुरुआत में मैं

अब तीरगी से हाथ मिलाना पड़ा मुझे
ख़ुद को तलाशने निकलता हूॅं रात में मैं

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