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अच्छे दिनो की चाहत मे रातै खराब करली है।

प्रवीण मुन्तजिरप्रवीण मुन्तजिर September 16, 2021
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अच्छे दिनो की चाहत मे रातै खराब करली है।

बो क्या समझेगे,हमने पत्थरो से दोस्ती करली है।

वो सारी रात कहते रहे सच बताओ,

सच बताऊ तो बो कहां यकीन करने वाली है।

कई बार झूठ से भी रिश्ते कायम रहते हैं,

सच जान के कई रिस्तो उम्र छोटी होने वाली है।

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