इक लड़की's image
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तुझसे मिलने हम तेरे शहर आयेंगे
तेरी लिखी हुई सब ग़ज़ल गायेंगे
तेरे हाथों में टूटी हुई चूड़ियां
चांद बनती रही टूटती चूड़ियां
तेरे पैरों की पायल की मीठी सी धुन
तेरी बहकी सी बातें और प्यारी सी धुन
तेरी आंखों से रोशन हुए हैं कंवल
तेरी बातों से महके हुए हैं ग़ज़ल
कान की बालियां और रेशम से बाल
नर्म लहज़ा तेरा,होंठ हैं सुर्ख लाल
तेरी माथे की बिंदी,गुलाबी हैं गाल
ये शोख़ी अदायें और बच्चों सी चाल
तेरे रंग ओ रूप से खिला आसमां
ये बारिश का मौसम और प्यारा धुआं
ओस की बूंद जैसे चमकते नयन
संगमरमर के जैसा ये तेरा बदन
तेरी याद में कितनी गज़लें लिखीं
किताबें लिखी,कितनी नज़मे लिखीं
जो तूझसे हुए हम कभी रूबरू
खुदा भी वहीं था,तेरे हुबहू
ख़्वाब लेके चली थी तू इक दिन शहर
कितना रोए थे पागल ये फूलों के घर
सितारों से तेरा पता पूछते थे
हवाओं से अक्सर ख़बर पूछते थे
ये बाग ओ बगीचे,ये फूलों की डाली
गुलाबों की टहनी,और वो रात रानी
सुनाते हैं मुझको कुछ किस्से कहानी
बचपन की यादें,और अल्हड़ जवानी
तेरे साथ चलती जो सरपत सड़क की
हो गई कैसे बूढ़ी ये सरपत सड़क की
गांव भी देखो कितना वीराना पड़ा
इक तेरे जाने से,सबको जाना पड़ा
तेरी वापसी से फ़िर आई बहार
मगर अब पता था ये कुछ पल का प्यार
लौट के ,फ़िर तुम शहर जाओगी
इन गलियों में फिर तुम न कुछ गाओगी
मोर जलते थे तुम्हारी परछाइयों से
रानाइयों से और अंगड़ाइयों से
ये सब ना तुमको भुला पाएंगे
तलाशेंगे तुमको,शहर जायेंगे
वो क़ातिल शहर, वो ज़ालिम शहर
छीन लेता है सब कुछ ये खाली शहर
तुम्हारा पता पूछते हैं ये सबसे
इक प्यारी सी लड़की, जुदा है वो सबसे

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