हैवानियत's image
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उसकी वह दुर्गति व्यथा देख

देवों के दिल भी दहल उठे

क्यों मानव इतना छुद्र हुआ

या नीच हैं ये विधि के लेखे


क्या ये उसकी ही गलती थी

वो कोमल, सरल, सुनयना थी

या दैत्यरूप वो मानव थे

जिनकी शिकार वो दीना थी


हो सके तो हे विधना उसको

मुझको पुत्रीवत देना

ताकि उसके हर आंशू पर

कुर्बान करूँ जीवन अपना ....


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