यादें और हिचकियां's image
Poetry1 min read

यादें और हिचकियां

Pragya ShuklaPragya Shukla September 2, 2022
Share0 Bookmarks 33 Reads1 Likes

एक रोज़ यादें तुमको भी खूब सतायेगी,

बस उस रोज़ ये हिचकियां मुझको ना आयेगी।


No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts