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हजारों के चहेते होने के बावजूद

Pragya ShuklaPragya Shukla November 12, 2022
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हजारों के चहेते होने के बावजूद

मन उस ईकाई के तलाश में रहता है

जिसकी हजार ख्वाहिशें सिर्फ आप तक हो..


विडंबना तो देखिए

ईकाई के पश्चात भी

पुनः आप उसी हज़ार में भटकते रहते हो..


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