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मां का जन्मदिन

PoonamPoonam July 17, 2022
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समझ के परे भी रिश्ता है कोई,
मुश्किलों के पार भी खड़ा है कोई,
जो समझ ले चेहरे के हर भाव को,
मेरी जिंदगी में मेरी मां है वही

बचपन की मार के मायने तब समझ न आए,
तब लगा कि गलती पर भी मार क्यों खाए,
आज समझ आता है तू हम में सुधार कर रही थी,
मुझे दुनिया में सम्मान से रहने को तैयार कर रही थी

इज्जत, त्याग और रिश्तों का महत्व तुमसे सिख पाए है,
इस उलझन भरी जिंदगी में हम खुद को संयोजित कर पाए है,
आज भी तेरी परवरिश हमारे चरित्र में चमकती है,
दुनिया अकसर कहती है मुझ में मेरी मां की छवि दिखती है

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