झर झर's image
Share0 Bookmarks 202 Reads3 Likes
काश समेट पाती मेरी ही परछाई मुझे,
गलत साफ साफ फिर देता दिखाई हमें,
सपनो के महल न टूटते यूं झर झर ,
लोगो की बातें देती अगर सुनाई हमें

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts