साथी's image
Share0 Bookmarks 32 Reads0 Likes
स्वर्ग का रास्ता मां बनाती रही
मेरे तकलीफ सारे उठाती रही
मैं रोया तो मां भी रोती दिखी
मेरे हंसने पे मां मुस्कुराती रही

नरम हाथ फेरे सिर पे नरमदिल
जब मैं सो जाऊं थक के खेल कर
घंटो तक थकी मां थके हाथों से 
प्यार से पांव मेरा  दबाती रही

घर के काम से थक हार के भी
गोद में मां मुझको झुलाती रही
नींद से प्यारी भला क्या है सुनो
मां आधी नींद में लोरी सुनाती रही

पापा से बहुत डरती थी मगर
जिद्द मेरी सर आंखों पे रखती थी मां
कड़ी धूप में डाल सर पे पल्लू मेरे
नंगे पांव पूरा बाजार घुमाती रही

मैं बदमाश था बचपन में बहुत
मां मुझको बचाए बड़ो की डांट से
जिद्द मेरी जब पूरी कर ना सकी
मां सौ बहाने से मुझको मनाती रही

पापा की ड्यूटी थी बाहर शहर से
बोझ जिम्मेदारियों का उठाती रही
मेरी मुस्कान थी बस उसकी खुशी
बिन लड़े मुश्किलों को हराती रही

खेल में तोड़ बैठा था जब हाथ मै
जब दिल मेरा टूटा था जज्बात में
मेरे ठीक होने की मन्नते मांगते
ऊपर वाले का नाम दोहराती रही

किस्मत को कोसू मिला क्या मुझे
जब मेहनत बेकार जाती रही
वक्त पर बेटा सब मिलेगा तुझे
मां भरोसा मुझे ये दिलाती रही

जिंदगी उसकी थी उसकी ही नही
मां तकलीफ अपनी भुलाती रही
मेरे कल के लिए खुद को भूल मां
खुशी से आज अपना लुटाती रही

अपने गम वो मुझसे छुपाती रही
मेरी खुशियों पे ठहाके लगाती रही
मैं पहला था बच्चा मेरी मां का
मां थोड़ा मेरे लिए जज्बाती रही

जिंदगी देने वाली मां कहती रही
मेरे जीने से ही है उसकी जिंदगी
जब तक चली सांस मां की मेरे
एक मां ही मेरी सच्ची साथी रही 

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts