संविधान's image
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पिछले तिहत्तर वर्षों में कुछ खोया कुछ पाया है,
लोगों के योगदान से बदली देश की काया है
यूं तो मैं इस देश का संजोता विधि विधान हूं,
बल जिसकी गणतंत्रता, भारत का संविधान हूं
जो इस धरती के गरीब को भी देता आज़ादी है,
जिसकी नज़रों में समान हर एक भारत वासी है
मौलिक अधिकारों की रक्षा ही मेरी पहचान है,
अनेकता मे एकता से बनता मेरा देश महान है।

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