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Romantic PoetryPoetry1 min read

झुकता नहीं वो ताज महल

रोमिलरोमिल February 3, 2022
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झुकता नहीं वो ताज महल जो है पत्थर से बना हुआ,
जिसने बनाया उसे झुक गया था वो किसी के प्यार में।

ना जाने कितने अरसे बीत गए उस बादशाह को दफ्न हुए,
खड़ा है आज भी ताज महल किसी पाक आशिक के इंतजार में।

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