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मैं लिखूँ कलाम पर

P P SharmaP P Sharma October 16, 2022
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मैं लिखूँ कलाम पर

शब्द में सामर्थय हो

पर जिसे प्रभु ने लिखा

क्या लिखूँ उसको कहो ।

भारत जिनके होने से

है भारत हो जाता

हर भारतवासी का सीना

गौरव से भर जाता

धर्म और जाति पाति

सभी हो जाते गौन

नाम लिए जाते ही जिनका

विरोधी होते मौन

कलाम का भारत में

जन्म हुआ सार्थक है

रसखान और बिस्मिल्ला

के जैसे ही वे ध्वजवाहक है

रंग तिरंगे का जब तक

होगा चटक चमकता

तब तक भारत से होगा

अब्दूल कलाम का नाता ।

हम सब तब तक आभारी

जब तक नभ में तारे

दीप्तिमान सूर्य के जैसे

वे हैं एक सितारे ' ।







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