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सूखे मगर ताजा फूल

Nitin Kr HaritNitin Kr Harit May 31, 2022
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सुनो,

तुम्हें शायद लगता होगा,

आगे बढ़ गई हूं मैं,

पर आज भी

वो राहें पुकारती हैं मुझे

जिन्हें कल मिलकर पुकारते थे हम!


आज के ये ताजा खिले फूल

खुशबू नहीं देते

हां... 

पर महक रहे हैं आज भी

मेरे दर ओ दीवार

उस पुरानी किताब से आती हुई खुशबू से

जिसमें आज भी रखे हैं

तुम्हारे दिये हुए मोगरे के फूल,

सूख तो गए हैं 

पर ताजा भी हैं अभी... 


- नितिन कुमार हरित #nitinkrharit 


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