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शाम को साहिलों पर

Nitin Kr HaritNitin Kr Harit August 29, 2021
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शाम को साहिलों पर,

जब पानी भी ठहर सा जाता है,

मुझे सच, जैसे एक कागज़ नजर आता है...

जिस पर,

मैं उकेरता रहता हूं,

तेरे अनगिनत चित्र...


~ नितिन कुमार हरित

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