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प्रेम की करनी | नितिन कुमार हरित

Nitin Kr HaritNitin Kr Harit May 16, 2023
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हरित सुनो, ये प्रेम है, दिव्य, विशिष्ट, विशेष,

मन से मन को जोड़ दे, रूप न देखे, भेष।


हरित सुनो, इस प्रेम की करनी, रूप ना देखे, रंग ना जाने,

मन से मन के जोड़ दे नाते, छोड़ जगत के ताने बाने,

प्रेम के बंधन बैरागी से, साधू प्रेमी एक ही मानें

जग से ना कोई काम किसी को, जग से परे ये प्रेम दीवाने।


~ नितिन कुमार हरित

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