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गणेश अर्चना - हे प्रथम पूज्य

Nitin Kr HaritNitin Kr Harit September 3, 2022
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हे प्रथम पूज्य, हे लंबोदर,

हे वक्रतुण्ड, हे महाकाय,

तुम शिव समान, तुम शक्ति से,

मृतुंजय, विघ्नविनाशाय।

तुम गुणातीत, तुम एकदंत,

तुम शूपकर्ण, तुम पूर्ण इंद्र,

हे कपिल, कृपाकर, पीतांबर,

हे भालचंद्र, तुम ही हरिंद्र।

हे सुमुख, तरुण, हे ओमकार,

हे विकट, विनायक, विघ्नराज,

हे सिद्धिविनायक, बुद्धिनाथ,

तुम्हें सौंप रहा मैं, सकल काज।

यदि समझो मुझको अधिकारी,

तो नाव मेरी उस पार करो,

यदि ना समझो तो दीन समझ,

हे दीनबंधु उपकार करो।


~ नितिन कुमार हरित

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