पुरानी यादें's image
Share0 Bookmarks 35 Reads1 Likes

कितना चाहा था तुमको ये दर्द गवाह है,

हो ये ज़रा भी कम तो जीना बेवजहा है


लाख मिले रंग यूँ तो पर न कोई तुझसा चढ़ा है

कर देखे लाख जतन पर नशा तेरा घटा कहाँ है


यादें साकी दर्द नशा है, पीड़ा में आनंद बड़ा है...



No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts