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ज़िन्दगी का फसाना

Nishant PandeyNishant Pandey February 11, 2022
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बारिश की बूदों सा ,  

ज़िन्दगी का फसाना है।

किसी की आंखों से गम मिटाना है, 

कभी इंद्रधनुष सा मुस्कुराना है।

किसी की यादें बनानी हैं,  

कभी यादों में बह जाना है।

पहले आसमां तक जाना है ,  

फिर मिट्टी में मिल जाना है।

बारिश की बूदों सा ,

ज़िन्दगी का फसाना है ।


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