खिड़कियां's image
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कितनी छोटी और,

कम औकात वाली ,

लगती है ये खिड़कियां,

बड़े ही आराम से ,

लगाई जाती हैं ये खिड़कियां।

जब दरवाजे बंद होने लगे,

तब पता चलती है ,

इनकी अहमियत हमें।

इनके खुलने से ही,

इंसान पहुँच जाता है ,

ख़्वाबों के छज्जों पर,

जिनके दरवाजे बंद हो चुके हों ।

बदल जाता है नजरिया ,

इनके पास बैठने से ,

आता है उम्मीद का झोंका ,

बंद दरवाजों के खुलने का ,

हर ख्वाब को जीने का । 


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