मेरी ख़ता's image
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"कई अरसा लगा दिया, मैंने भी कलम उठाने में;

तुमने भी तो बहुत देर कर दी, ये सब जताने में;

मेरी हर तकलीफ मेरा हर गम... तुम्हें पता हैं;

सच बताओ! क्या मेरी बस यही एक ख़ता हैं"


- नीरज झा

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