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ख़ुदा की नज़र में एक सा हर बशर होता है

NawabzadaNawabzada December 17, 2021
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ख़ुदा की नज़र में एक सा हर बशर होता है


मुफ़्लिस हो के रईस_ए शहर_कोई

ख़ुदा की नज़र में एक सा हर बशर होता है,


इबादत हो के प्रार्थना या अरदास कही

नज़्र_ओ_नियाज़ की नीयत में क़सर होता है,


वरना दुआ ए बादशाह हो के फ़कीर

हर एक की दुआओं में एक सा असर होता हैं,


ना हो यकीं तो आज़मा लो हर दवा से पहले

मुब्तिला_ए_मर्ज़ पर दुआओं का असर होता है..!!


::क़मर किदवई✍️

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