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दिलों की हसरतें

nakamyab_writernakamyab_writer January 8, 2023
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जाम अक्सर मयखाने में छलकते है,
दर्द अक्सर आईने में झलकते है,
और महफ़िलो से रुखसत इसकदर हुए हैं हम,
कि अब बस श्मशानो में ही भटकते है।

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