उम्मीद से भरी निगाहों से तुम्हे देखता कौन है's image
Poetry1 min read

उम्मीद से भरी निगाहों से तुम्हे देखता कौन है

Prabhat mishraPrabhat mishra November 30, 2022
Share0 Bookmarks 13 Reads0 Likes

उम्मीद से भरी निगाहों से तुम्हे देखता कौन है

तुम किसी और की हो तुम्हें रोकता कौन है

अगर डूबना ही है तो जाकर समुंदर में डूबो

आज कल इन आंखों में डूबता ही कौन है।

Mprabhat81@

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts