प्यार और समर्पण's image
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देखकर ऐसा लगता है हो रहा ,

धरती गगन का मिलन,

पर ऐसा कहां होता हैं

यह सिर्फ नजरों का धोखा है।

धरती को गगन छांव देता है,

दिन सूरज की गर्मी से तपता है,

रात में चांदनी की ठंडक देता है,

धरती की प्यास को वर्षा की बूंदों से बुझाता है ,

उसके आंचल में पल रहे फल फूलों को,

प्यार का एहसास दिलाता है।

धरती गगन का मिलन कभी होता नहीं,

इनका प्यार बेमिसाल निस्वार्थ है,

हमको संदेश देता है,

प्यार मोल भाव नहीं समर्पण है

इसमें ही जीवन का आकर्षण है

प्यार भावनाओं का समंदर है

पास रहे या दूर ये दिल के अंदर है।

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