मधुशाला अवधी's image
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*मधुशाला*

मधुशाला से रात पिया ,

झूमत घर आये

बने राजा अमीर आंगन के बिचवा,

कहत -सुनत वो जेवन ( खाने) बैठे,

जेवे राजा अमीर बंगले के बिचवा ,

हस-हस वो गले से लगाये ,

गिरा उनका जंजीर आंचल ,

के बिचवा,

बने राजा अमीर आंगन के बिचवा ।

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