ख़ुदा तू भी नहीं, मैं भी नहीं – हिंदी कविता's image
Love PoetryPoetry1 min read

ख़ुदा तू भी नहीं, मैं भी नहीं – हिंदी कविता

Md Anees QamarMd Anees Qamar August 12, 2022
Share0 Bookmarks 14 Reads0 Likes

ख़ुदा तू भी नहीं, मैं भी नहीं – हिंदी कविता


गलतियों से जुदा तू भी नहीं और मैं भी नहीं,

दोनों इंसान हैं खुदा तू भी नहीं, मैं भी नहीं।


गलतफहमियों ने कर दी दोनों में पैदा दूरियां,

वरना फितरत का बुरा तू भी नहीं मैं भी नहीं।


अपने अपने रास्तों पे दोनो का सफ़र जारी रहा,

एक लम्हें को रुका तु भी नहीं मैं भी नहीं ।


चाहते बहुत थे दोनों एक दूसरे को

मगर ये हक़ीक़त मानता तु भी नहीं मैं भी नहीं।


गलतियों से जुदा तू भी नहीं और मैं भी नहीं,

दोनों इंसान हैं ख़ुदा तू भी नहीं, मैं भी नहीं।




MD ANEES QAMAR

   एमडी अनीस कमर



No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts