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आज का शब्द: गायन और रमानाथ अवस्थी की रचना- चूमकर मैंने कहा गाओ चाँद बोला, मर गई जाओ

Md Anees QamarMd Anees Qamar September 17, 2022
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हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- गायन, जिसका अर्थ है- गाने की क्रिया या भाव, गाना, गीत। प्रस्तुत है रमानाथ अवस्थी की रचना- स्वप्न में मुझसे मिला कोई, नींद मेरी रात भर रोई



स्वप्न में मुझसे मिला कोई
नींद मेरी रात भर रोई

कौन था वह कह नहीं पाता
बिन कहे भी रह नहीं पाता
सैकड़ों में एक था मुखड़ा
लह रहा था चाँद का टुकड़ा

दृष्टि उसकी थी कहीं खोई!
स्वप्न में मुझसे मिला कोई
नींद मेरी रात भर रोई

आरती की गंध-सी पावन
लग रही थी शून्य का गायन
रूप क्या था एक टोना था
हो गया जो कुछ न होना था

आँसुओं से आँख जब धोई!
स्वप्न में मुझसे मिला कोई
नींद मेरी रात भर रोई

वह नहीं बोली बुलाया भी
उठ नहीं पाई उठाया भी
चूमकर मैंने कहा गाओ
चाँद बोला, मर गई जाओ

वक्ष में भर आग वह सोई!
स्वप्न में मुझसे मिला कोई
नींद मेरी रात भर रोई
MD ANEES QAMAR 

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