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पर्वत के सीने को दोफाड़ करदो तुम

मारूफ आलममारूफ आलम September 2, 2021
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शेर की तरह बुंलद दहाड़ कर दो तुम

पर्वत के सीने को दोफाड़ करदो तुम


तूफान तिनको की तरह उड़ाने आएंगे

जमा दो पैर,खुद को पहाड़ करदो तुम 


जो पत्थर वो फेंकते हैं तुम्हारे सर पर

खुद के लियें उन्ही से आड़ करदो तुम


या तो बचालो अपने खेतों को किसानों

या तो अपने खेतों को उजाड़ करदो तुम


वाजिब हैं जो तुम्हारे वो दाम मांगों उनसे

या फसलें जलाकर कबाड़ करदो तुम

मारुफ आलम

शब्द अर्थ

वाजिब- उचित

©®


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