वर्ना's image
Share0 Bookmarks 8 Reads0 Likes

ज़मीं से बँधना

मजबूरी दरख्त की

वर्ना कौन जहां में

आगे बढ़ना न चाहे


हर दम भटकना

बेबसी लहर की

वर्ना कौन जीवन में

ठहराव न चाहे


मजबूरियों की बेबसी

सबके साथ है

वर्ना कौन जीवन में

परिवर्तन न चाहे ।



मं शर्मा (रज़ा)

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts