उथला's image
Share0 Bookmarks 11 Reads0 Likes

उसकी गहराई

बड़ी उथली थी

उसके जीवन में

सार बहुत कम निकला


वो खारे पानी का

जखीरा था

नमी थी उसमें मगर

बेहिसाब प्यासा निकला।


मं शर्मा (रज़ा)

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts