तेरे लिए's image
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नित नए इम्तिहान मिले

नित नए व्यवधान मिले

चलने को ज़मीं कम थी

हर कदम नए आसमान मिले


कभी गिर गिर के संभले

कभी लड़खड़ा कर गिरे

तिल तिल कर ही बढ़ते रहे

तेरे लिए सिर्फ तेरे लिए ।


मं शर्मा( रज़ा)

#स्वरचित

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