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निरूद्देश्य सफर

Manju SharmaManju Sharma October 15, 2022
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जाने कौन सा सफर है ये

जाने कौन डगर है ये

कहीं पर जो थमती नहीं

कहीं भी पहुँचती नहीं


निरूद्देश्य मानो कोई

पथिक चला जा रहा है

कहाँ से आया कहाँ को जाना

कुछ भी न जिसको पता है।


मं शर्मा (रज़ा)

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