खामोशी's image
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बात निकली है तो

मुकम्मल हो जाने दे

इश्क का आगाज है

अंजाम तक जाने दे


जो मैं कह न सका

कभी उसको सुमझ

खामोशी को सुन

पर खामोश रहने दे।


मं शर्मा (रज़ा)

#स्वरचित

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